Skip to main content

गंगोत्री मंदिर का इतिहास - Gangotri Temple History Hindi

Gangotri Temple History In Hindi
Gangotari Temple History In hindi


Gangotri temple in hindi -
  गंगोत्री मंदिर उतराखण्ड के उतरकाशी जिले में स्थित एक हिंदु मंदिर है , जो गंगा मैया को समर्पित है । मंदिर के समीप गंगा नदी का उद्गम स्थल स्थित है । उतरकाशी से 100 किलोमीटर की दुरी पर स्थित यह मंदिर समुद्र तल से 3042 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है ।
 यमुनोत्री की तरह गंगोत्री मंदिर के कपाट शीतकाल में बंद कर दिये जाते है , शीतकाल में यह पुरा इलाका बर्फ से ढक जाता है । सर्दियों में मुर्ति को मुखबा गाँव में स्थापित कर दी जाती है ।

यमुनोत्री से गंगोत्री की दुरी 46 किलोमीटर है । भक्तजन यमुनोत्री के दर्शन उपरान्त गंगोत्री आते है । इन दोनों धामों के आस पास अनेक दर्शनीय पौराणिक तीर्थ स्थान है ।
Gangotri Temple History In hindi
Gangotari Temple History Hindi

गंगोत्री मंदिर का इतिहास - Gangotri Temple History Hindi


पौराणिक कथा के अनुसार अयोध्या के राजा भागीरथ ने गंगा मैया की तपस्या की थी । इसी स्थान पर भगवान शिव ने देवी गंगा को अपनी जटायों से धरती पर उतारा था । जिस शिला पर राजा भागीरथ नें तपस्या की थी उसे " भागीरथ शिला " कहा जाता है ।

कहा जाता है की महाभारत के युध्द के उपरान्त पांडवो ने परिजनों की हत्या के पाप से मुक्त होने के लिए इसी स्थान पर देवयज्ञ किया था ।

गंगोत्री मंदिर का निर्माण गोरखा जनरल अमर सिंह थापा द्वारा 18वीं सदी मे करवाया गया था । नदी का उद्गम स्थल ग्लेशियर मे स्थित है जो मंदिर से 19 कि. मी. दुर है ।

मंदिर का पुनः निर्माण 20 वीं सदी में जयपुर राजघराने द्वारा किया गया था । यह मंदिर हिंदु धर्म के " चार धामों में से एक है ।

पहले गंगोत्री पँहुचने के लिए दुर्गम रास्तों से होकर जाता पड़ता था इसलिए 1980 में भारतीय सरकार का गंगोत्री पँहुचने हेतु पक्की सड़क का निर्माण करवाया गया था ।


मंदिर के समीप दर्शनीय स्थल - Places to visit near the temple


पवित्र गंगोत्री मंदिर समुंद्र तल से 3140 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है । मंदिर के पास भोज वृक्षों और देवदारो के वृक्षों से घिरा है ।

केदारताल - गंगोत्री से 14 किलोमीटर दुर झील बड़ी ही पवित्र मानी जाती है । यहा पर जाने के लिए आपको ऊबड़ - खाबड़ मार्गो से  होकर जाना पड़ता है । यह झील समुद्र तल से 15000 फीट ऊँचाई पर स्थित है ।


गौमुख - गंगोत्री से 19 किलोमीटर दुर यह गौमुख ग्लेशियर भगीरथी नदी का उद्गम स्थल है । माना जाता है की इस पवित्र जल में स्नान करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते है । यह समुद्र तल से 3892 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है । यहा पहुचनें के लिए ट्टटुओ व कुली की व्यवस्था उपलब्ध है ।
Gokund Image

चिरबासा - गंगोत्री से चिरबासा की दुरी 9 किलोमीटर है । गौमुख जाने के लिए आपको चिरबासा से होकर जाना पड़ता है । चिरबासा में आपको बड़े बड़े का दर्शन होगा । चिरबासा का अर्थ - चिर का वृक्ष ।
Gangotri Temple history In hindi

कैसे पहुचें गंगोत्री मंदिर -  How to Reach Gangotri Temple

सड़क मार्ग - ऋषिकेश से गंगोत्री तक की दुरी 259 किमी है । ऋषिकेश से बस या टैक्सी द्वारा आप गंगोत्री पहुंच सकते है ।

रेल मार्ग - गंगोत्री के निकट रेलवे स्टेशन ऋषिकेश में स्थित है , जो गंगोत्री से  250  किमी दुर है ।

हवाई मार्ग - गंगोत्री से निकटतम हवाईअड्डा देहरादुन में स्थित है , जो 226  किमी दुरी पर है ।


आशा करते है की आपको हमारा यह आर्टीकल " Gangotri Temple History in Hindi " पंसद आया होगा । कृप्या इसे साझा करे । 

Read More :
Yamunotri Temple History
Baleshwar Temple , Champawat , Uttrakhand

Comments

Popular posts from this blog

Navin Kumar Kabaddi Biography In Hindi -नवीन कुमार का जीवन परिचय

Navin Kumar Kabaddi Biography In Hindi -(Dabbang Delhi ) , ( PKL)




नाम              -         नविन कुमार गोयत 
उपनाम         -          नविन एक्सप्रेस

पेशा            -           कब्बडी (रेडर )
जन्मदिन      -            14  फरवरी 2000

डेब्यू           -         प्रो कब्बडी सीजन 6  (2018 )
ताकत       -          रनिंग हैंड टच

कोच         -           कृष्णा कुमार हूडा 

शारीरिक रूप -

लम्बाई         -  5 फिट 10 इंच 

वजन         -    76 किलोग्राम 

निजी जीवन   - 
जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत ) 

  शिक्षा          -   बी,ए

जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत )  धर्म             -  हिन्दू 
जाति           -  जाट 

विवाह         - नहीं हुआ

Filmyzilla 2020 : South indian Movie , Bollywood Movie , Hollywood Movie , Tv Show |

Filmyzilla 2020 : भारत के उन पायरेटेड वेबसाइटस् में से एक है जो Movie Release होने के तुरंत बाद अपनी वेबसाइटस् पर Latest Movies , South indian dubbed movie , Bollywood Movies , Hollywood Movies , Tv Shows अपनी वेबसाइटस् पर उपलब्ध करवाती है । जिसे आप आसानी से Movie Download कर सकते है ।

अगर आप Filmyzilla 2020 पर Movies या  Tv Show डाउनलोड करने जा रहे है तो कृप्या आप इस पोस्ट को जरूर पढे , क्योंकि इसमें हम आपको Filmyzilla 2020 के बारे में सब कुछ बताने वाले है ।

हम आपको यह भी बताऐंगे की Filmyzilla 2020  से Movie डाउनलोड करना चाहिए या नही , अगर करना चाहिए तो कैसे ?


Filmyzilla 2020 : South indian Movie , Bollywood Movie , Hollywood Movie , Tv Show |
Filmyzilla क्या है 
 Filmyzilla एक पॉपुलर पाइरेटेड वेबसाइट है जो Movie Release के तुरंत बाद उन Movies  को अपनी साइट पर अपलोड करती है । इस वेबसाइट पर Bollywood movies , South indian Movie , Malalayam Movies , Tamil Movie , Hollywood Movie , Tv Show गैर - कानुनी रूप से अपलोड और डाउनलोड किये जाते है ।

यहा से आप South indian Movie 2020 Download कर सक…

जब महाराणा प्रताप ने अकबर को संधि पत्र भेजा (When Maharana Pratap sent the treaty letter to Akbar)

हल्दीघाटी के युद्ध के बाद महाराणा प्रताप अपने परिवार सहित जंगलो में चले गए | उस समय परिस्थितियाँ इतनी खराब हो गयी की महाराणा और उनका परिवार घास की रोटी खाने लगे |


एक दिन महाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह रोटी खा रहे थे लेकिन तभी एक जंगली ब्याव (जंगली बिल्ली ) उनकी रोटी छिनकर भाग जाती है | भूख के मारे  बालक अमरसिंह रोने लगे यह देखकर राणा प्रताप का ह्रदय करुणा से भर गया | उन्होंने सोचा मैंने अपने पुरे जीवन को इस मातृभूमि के लिए न्योछावर कर दिया लेकिन बदले में मुझे क्या मिला | ये पुत्र -पुत्रिया  दो वक्त की रोटी के लिए तरसते है |

जब महाराणा प्रताप ने अकबर को संधि पत्र भेजा -

 महाराणा प्रताप अकबर को संधि पत्र भेजते है | वो पत्र जब अकबर ने पढ़ा तो उसे भरोसा ही नहीं हुआ | अकबर बड़ा धूर्त था | उसने एक चाल की इस पत्र को वह महाराणा के सबसे बड़े भक्त  पृथ्वीराज सिंह राठौर को दिल्ली  बुलाया | जो हमेशा महाराणा की वीरता का गुणगान करते थे | पृथ्वीराज राठौर बिकारनेर नरेश के छोटे भाई थे |


जब अकबर ने वो पत्र पृथ्वीराज सिंह को दिखाया को उन्हें भरोसा नहीं हुआ और उन्होंने इस पत्र की सच्चाई जानने के लिए महारा…