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History of Bicycle in Hindi-साईकल का इतिहास

Bicycle history in hindi

19 अप्रैल को World bicycle day  मनाया जाता है । क्या आप जानते है , bicycle का अविष्कार किसने किया और क्यों किया ?

bicycle का इतिहास बहुत पुराना है । वर्तमान समय मे देश को pollution मुक्त करने के लिए bicycle को बढावा देना चाहिए ।


  साईकल का इतिहास -  History of Bicycle in Hindi


साईकल इतिहास बहुत पुराना है , इतिहासकारो के अनुसार साईकल का अविष्कार 1418 मे इटली के Giovanni fontana द्वारा किया गया । यह साईकल 4 पहिये की हुआ करती थी । लेकीन समय के साथ - साथ इसमे परिवर्तन होते गये ।

400 साल बाद जर्मनी के karl freiherr von drais ने cycle को एक नया आकार दिया , 1817 में उन्होंने cycle को 4 पहिये़ से 2 पहिये़ मे बदला । अब लोगों को cycle चलाने मे आसानी होने लगी थी ,इस कारण ये अाविष्कार युरोप मे बहुत प्रसिध्द हुआ । युरोप मे इस cycle को hobby horse के नाम से विख्यात हुई ।

लेकीन इस cycle मे अभी भी बहुत सी कमियां थी , अभी भी बहुत से बदलावों की आवश्यकता थी । इस साईकल को चलाने के लिए पैरों को पीछे धकेलना पड़ता था , यह कार्य बहुत ही थका देने वाला था ।

साईकल हेतु पैंडल बनाने का श्रेय स्कॉटलैंड के एक लौहार Kirkpatrick Macmillan को जाता है । एक बार Macmillan  ने कुछ लोगों को साईकल चलाते हुए देखा उसने गौर किया की वे लोग अपने से धक्का देकर साईकल चला रहे थे , Macmillan ने साईकल को सहज रूप से चलाने हेतु 1839 में पैंडल का अविष्कार किया , जिससे साईकल चलाने मे थोडी़ सी आसानी हुई । लेकीन उन्होंने पैंडल के साथ - साथ अनेक लौहे औजार जोड़े , जिससे साईकल वजन ज्यादा हो गया था । Macmillan की साईकल का वजन करीब 26 Kg  था ।

1870 में साईकल मे रबड़ के टायर का उपयोग किया गया , जिससे उसे चलाने मे आसानी होने लगी । लोगों ने इस साईकल को बहुत पसंद किया , अमेरिका मे इसको सबसे ज्यादा पंसद किया गया । इस साईकल को Penny Fathing नाम दिया गया । लेकीन इस साईकल का एक पहिया बड़ा और एक छोटा होने के कारण इसे सुरक्षित नही समझा गया । इस साईकल से दुर्घटना होने की सम्भावना रहती थी ।

1880 में John Kemp Starley ने एक साईकल का निर्माण किया , जिसका मुल उद्देश्य Safety था । यह पहले की तुलना मे बेहतर थी , यह साईकल समान आकार की थी । इसके बाद मे साईकल के विकास मे तेजी हुई ।

1920  मे सर्वप्रथम बच्चों के लिए साईकल का निर्माण किया गया । 1960 के आते आते साईकलो मे Racing जैसे कार्य किये जाने लगे ।



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नाम              -         नविन कुमार गोयत 
उपनाम         -          नविन एक्सप्रेस

पेशा            -           कब्बडी (रेडर )
जन्मदिन      -            14  फरवरी 2000

डेब्यू           -         प्रो कब्बडी सीजन 6  (2018 )
ताकत       -          रनिंग हैंड टच

कोच         -           कृष्णा कुमार हूडा 

शारीरिक रूप -

लम्बाई         -  5 फिट 10 इंच 

वजन         -    76 किलोग्राम 

निजी जीवन   - 
जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत ) 

  शिक्षा          -   बी,ए

जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत )  धर्म             -  हिन्दू 
जाति           -  जाट 

विवाह         - नहीं हुआ

अरुण जेटली का जीवन परिचय | Arun Jaitley Biography In Hindi

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अरुण जेटली भारतीय राजनीती के प्रसिद्ध राजनेता थे | 2014 को सत्ता में आयी भारतीय जनता पार्टी की सरकार में वित्त मंत्री रहे थे तथा अपने जीवनकाल में केंद्रीय मंत्री,रक्षा मंत्री  के साथ-साथ अनेक पदों पर आसीन रहे |
एक वकील के राजनेता तक का सफर बहुत ही उतार - चढ़ाव  वाला रहा |



नाम        (Name)   -  अरुण जेटली
जन्मदिन               - 28 दिसम्बर 1952
पिता का नाम       - महाराज किशन जेटली
माता का नाम     -   रतनप्रभा जेटली
पत्नी का नाम      -   संगीता जेटली
संतान                -   रोहन जेटली और सोनाली जेटली
मृत्यु                   -  25 अगस्त 2019



व्यक्तिगत जीवन -

अरुण जेटली जी का जन्म दिल्ली में महाराज किशन व माता रतनप्रभा के घर हुआ | इनके पिता पेशे से वकील थे | इनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के सेंट ज़ेवियर्स स्कूल से की जो उस समय की सबसे प्रसिद्ध स्कूलों में से एक थी | यह बचपन से ही एक होनहार विद्यार्थी के रूप अपनी पहचान बना चुके थे | पढ़ाई के साथ -साथ  खेल में भी इनकी रूचि थी |


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