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कन्या सुमंगला योजना उत्तरप्रदेश (Kanya Sumangla Yojna In U.P)

उत्तरप्रदेश में बालिकाओ की हालत देखकर प्रदेश की योगी सरकार ने बालिकाओ की स्थिति सुधारने का फ़ैसला किया है | विशेष तौर पर गरीब परिवार की बालिकाओ के लिए 1 सरकारी योजना लेकर आयी है |



कन्या सुमंगला योजना उत्तरप्रदेश  (Kanya Sumangla Yojna In U.P)

प्रदेश की योगी सरकार कन्या सुमंगला योजना लेकर आयी है | इस योजना के तहत गरीब परिवार की बालिकाओ के जन्म से उसकी शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ ही DIPLOMA तक की पढ़ाई की आर्थिक सहायता दी जाएगी | सरकार द्वारा उस बालिका का अलग खाता खोला जाएगा | 

बालिका के जन्म होने पर -                 2 हज़ार रूपए  
1 वर्ष के भीतर टीकाकरण होने पर -  1 हज़ार रूपए  
प्रथम कक्षा में प्रवेश के उपरांत -        2 हज़ार रूपए
6 कक्षा प्रवेश होने पर               -       2 हज़ार रुपए , 
9 कक्षा प्रवेश होने पर         -            3 हज़ार रूपए 
12 कक्षा उत्तीर्ण व स्नातक तक -       5 हज़ार रूपए 

समाज में बालिकाओ के प्रति  नकारात्मक सोच में बदलाव लाने के लिए सरकार द्वारा पुरे प्रदेश में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया | इस योजना का कुल बजट 1200 करोड़ है | 

इस योजना का शुभारंभ 23 अगस्त को मुख्यमंत्री(योगी आदित्यनाथ ) द्वारा किया जाएगा 

योजना का लाभ उठाने हेतु जरुरी दस्तावेज - 

(1 ) बालिका का जन्म-प्रमाणपत्र 

(2)माता-पिता के आधार कार्ड 

(3)बालिका के प्रथम कक्षा का प्रमाण-पत्र 

(4 )माता-पिता की खाता  संख्या 

(5 ) बालिका का नवीनतम चित्र 

शर्ते 

(1 ) बालिका उत्तरप्रदेश की होनी चाहिए 

(2 ) परिवार में अधिकतम 2 बच्चे 

(3 ) परिवार की वार्षिक आय ३ लाख से काम होनी चाहिए 



योजना का उद्देश्य -

इस योजना का उद्देश्य प्रदेश में बालिकाओ की स्थिति को सुधारना हैं | हमारे समाज में महिला को पुरुष के मुक़ाबले काम आँका जाता है सरकार का उद्देश्य है की समाज में महिलाओ को भी पुरुषो के मुक़ाबले दर्जा दिया जाये | बाल विवाह कुप्रथा को रोकना , नवजात कन्या के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करना | बालिकाओ को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना  


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नाम              -         नविन कुमार गोयत 
उपनाम         -          नविन एक्सप्रेस

पेशा            -           कब्बडी (रेडर )
जन्मदिन      -            14  फरवरी 2000

डेब्यू           -         प्रो कब्बडी सीजन 6  (2018 )
ताकत       -          रनिंग हैंड टच

कोच         -           कृष्णा कुमार हूडा 

शारीरिक रूप -

लम्बाई         -  5 फिट 10 इंच 

वजन         -    76 किलोग्राम 

निजी जीवन   - 
जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत ) 

  शिक्षा          -   बी,ए

जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत )  धर्म             -  हिन्दू 
जाति           -  जाट 

विवाह         - नहीं हुआ

अरुण जेटली का जीवन परिचय | Arun Jaitley Biography In Hindi

Arun Jaitley Biography in hindi
अरुण जेटली भारतीय राजनीती के प्रसिद्ध राजनेता थे | 2014 को सत्ता में आयी भारतीय जनता पार्टी की सरकार में वित्त मंत्री रहे थे तथा अपने जीवनकाल में केंद्रीय मंत्री,रक्षा मंत्री  के साथ-साथ अनेक पदों पर आसीन रहे |
एक वकील के राजनेता तक का सफर बहुत ही उतार - चढ़ाव  वाला रहा |



नाम        (Name)   -  अरुण जेटली
जन्मदिन               - 28 दिसम्बर 1952
पिता का नाम       - महाराज किशन जेटली
माता का नाम     -   रतनप्रभा जेटली
पत्नी का नाम      -   संगीता जेटली
संतान                -   रोहन जेटली और सोनाली जेटली
मृत्यु                   -  25 अगस्त 2019



व्यक्तिगत जीवन -

अरुण जेटली जी का जन्म दिल्ली में महाराज किशन व माता रतनप्रभा के घर हुआ | इनके पिता पेशे से वकील थे | इनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के सेंट ज़ेवियर्स स्कूल से की जो उस समय की सबसे प्रसिद्ध स्कूलों में से एक थी | यह बचपन से ही एक होनहार विद्यार्थी के रूप अपनी पहचान बना चुके थे | पढ़ाई के साथ -साथ  खेल में भी इनकी रूचि थी |


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नाम                        - लक्ष्मी बाई 
पिता का नाम         - मोरोपंत 

माता का नाम        - भागीरथी बाई

जन्म                     - 19 नवम्बर 1828 

मृत्यु                     - 18 जून       1858 

पुत्र                      - दामोदर राव , आनंद राव 

पति                      - महाराज गंगाधर राव 🔂

प्रारंभिक जीवन (early life) -  रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 में वाराणसी के एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था | इनके पिता का नाम मोरोपंत एवम माता भागीरथी बाई था | इनके पिता मोरोपंत मराठा बाजीराव के सेवा में थे |  इनके बचपन का नाम " मनु " था | 4 वर्ष की आयु में इनकी माता का देहांत हो गया था | माता के देहांत के बाद इनके पिता मोरोपंत ने इनको अपने पास बुला लिया | मनु बाई अपने पिता के साथ दरबार जाती थी | वहा पर उन्होंने शास्त्र और शस्त्र दोनों की शिक्षा प्राप्त  की | पेशवा इनको प्यार से " छबीली…