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Showing posts from August, 2019

एक पहलवान -Inspirational story in hindi kahaniya

Inspirational story in hindi - 


सुजान सिंह के एक पहलवान थे | वह हमारे देश के बड़े जबरदस्त पहलवान थे | सैकड़ो दंगलों में बाज़ी मर चुके थे | देश का कोई पहलवान ऐसा नहीं था जिसे सुजान सिंह ने नहीं पछाड़ा हो | लेकिन सुजान सिंह शरीर और कदकाठी से अन्य पहलवानो के सामने कुछ भी नहीं थे | उनके मुकाबले में बड़े बड़े पहलवान आये जो हाथी के समान डीलडौलवाले और गेंडे की तरह ताकतवर नज़र आते थे तो लोग कहते की सुजान सिंह जरा सा आदमी और इसके मुक़ाबले में रुस्तम जैसे पहलवान ! मगर जब लंगोट कसकर बजरंगबली की आवाज़ के साथ सुजान सिंह अखाड़े में कूदते और अपने से दुगुने - तिगुने शरीर वाले पहलवानो को कमर में हाथ डाल कर कांधे में उठा लेते और इतनी जोर से पटकते की उनकी हड्डी हड्डी बोल जाती थी |



अलवर के महाराजा ने सुजान सिंह को"रुस्तमे हिन्द " का ख़िताब दिया था और रोज़ उनको एक घड़ा दूध , आधा सेर बादाम , सेर भर घी दिया गया |

एक दिन एक पहनवान सुजान सिंह के पास आया | वह दिखने में बड़ा ही विशालकाय और हठा - कठा था | वह अर्जुन सिंह के पास आकर बोला ' मेरा नाम अर्जुन सिंह हैं में आपके कुश्ती सिखने आया हु | एक वर्ष तक सुजान सि…

श्रेष्ठ जीवन पर कविता (हिन्दी कविताएँ) - HINDI POEM

हिन्दी कविताएँ - HINDI POEM 
"जगती है  जीवन भरने को ,पर जीवन लुटता जाता  है "






जगती है जीवन भरने को ,
पर जीवन लुटता जाता है |
जीवन ही जीवन से टकरा,
अपनी  सॉँस    मिटाता है | 
🔻


 कौन  कहे   जीवन  उनको  ?  जिनको मानवता का भान नहीं, दानव सा  जीवन  भोग  रहे ,
मानवता पर अभिमान नहीं  ,  सिसक  रहा    प्रगतिवादी , 
सच्चा    मात    खाता     है,
जगती है  जीवन भरने को ,
पर जीवन लुटता जाता  है | 

             🔻. 

कितनी साँसे तड़प तड़प कर,
काल -  ग्रास    बन   जाती    है ,
कितनी आहें सिसक -सिसककर ,
अपना   खून    लुटाती    है ,
इस  दुखयारी  बस्ती पर तो ,
शोषण  पॉँव  जमाता    है ,
जगती है जीवन भरने को ,
पर जीवन लुटता जाता है | 

             🔻 
इस काल में अकाल पड़ा है ,
सुखी  धरती  मानव  भूखा  ,
बचा नहीं  है  पानी - दाना ,
हर एक क्षण लगता है रुखा  , 
आज मृत्यु की बाहों  में तो ,
हर  जीवन  अकुलाता  है ,
जगती है जीवन भरने को ,
पर जीवन लुटता जाता है | 

           🔻
यह  भोली  भोले  भालो की  , 
इसमें  जीवन  कौन  भरेगा  ?
कोण कफ़न सर पर बाँधेगा ? 
हॅसते  हॅसते  मौत  चुनेगा  ,
होगी  क्या  परवाह  उसे …

Rabindranath Tagore Biography - रबीन्द्रनाथ टैगोर जीवन परिचय

रविंद्र नाथ टैगोर का जन्म बंगाल में हुआ था और वे बंगाली थे , फिर भी वे केवल बंगाल और भारत के नहीं वरन सम्पूर्ण विश्व की विभूति थे | जिस प्रकार व्यास , वाल्मीकि , कलिदास , तुलसीदास और कबीर किसी देश या प्रान्त के नहीं सम्पूर्ण विश्व के लिए पूजनीय है  , उसी प्रकार रविंद्रनाथ समस्त मानव जगत की सम्पति है |






नाम                     -      रवींद्रनाथटैगोर जन्मदिन             -      7 मई 1861  उपाधि                 -     लेखकऔरचित्रकार प्रमुखरचना      -      गीतांजलि पुरस्कार           -     नोबेलपुरस्कार
मृत्यु                 -   7 अगस्त 1947 

प्रारम्भिकजीवन (Rabindranath Tagore Early Life)
रविंद्रनाथ नाथ का जन्म कोलकाता के जोड़ासांको मुह्हले में हुआ | उनके पिता का नाम महर्षि देवेन्द्रनाथ ठाकुर था और माता का नाम शारदा देवी | वे अपने पिता के सबसे छोटे पुत्र थे | रविंद्रनाथ बहुत भाग्यशाली थे | उनका जन्म ऐसे परिवार में हुआ जिसमे लक्ष्मी और सरस्वती की बराबर कृपा थी | इनके परिवार में बड़े - बड़े विचारक , तत्वज्ञानी , संगीतज्ञ , कलाकार , विद्वान हो चुके थे | 

रविंद्रनाथ छोटी अवस्था के थे , तभी उनकी…

Navin Kumar Kabaddi Biography In Hindi -नवीन कुमार का जीवन परिचय

Navin Kumar Kabaddi Biography In Hindi -(Dabbang Delhi ) , ( PKL)




नाम              -         नविन कुमार गोयत 
उपनाम         -          नविन एक्सप्रेस

पेशा            -           कब्बडी (रेडर )
जन्मदिन      -            14  फरवरी 2000

डेब्यू           -         प्रो कब्बडी सीजन 6  (2018 )
ताकत       -          रनिंग हैंड टच

कोच         -           कृष्णा कुमार हूडा 

शारीरिक रूप -

लम्बाई         -  5 फिट 10 इंच 

वजन         -    76 किलोग्राम 

निजी जीवन   - 
जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत ) 

  शिक्षा          -   बी,ए

जन्म स्थान   - भिवानी हरियाणा ( भारत )  धर्म             -  हिन्दू 
जाति           -  जाट 

विवाह         - नहीं हुआ

अरुण जेटली का जीवन परिचय | Arun Jaitley Biography In Hindi

Arun Jaitley Biography in hindi
अरुण जेटली भारतीय राजनीती के प्रसिद्ध राजनेता थे | 2014 को सत्ता में आयी भारतीय जनता पार्टी की सरकार में वित्त मंत्री रहे थे तथा अपने जीवनकाल में केंद्रीय मंत्री,रक्षा मंत्री  के साथ-साथ अनेक पदों पर आसीन रहे |
एक वकील के राजनेता तक का सफर बहुत ही उतार - चढ़ाव  वाला रहा |



नाम        (Name)   -  अरुण जेटली
जन्मदिन               - 28 दिसम्बर 1952
पिता का नाम       - महाराज किशन जेटली
माता का नाम     -   रतनप्रभा जेटली
पत्नी का नाम      -   संगीता जेटली
संतान                -   रोहन जेटली और सोनाली जेटली
मृत्यु                   -  25 अगस्त 2019



व्यक्तिगत जीवन -

अरुण जेटली जी का जन्म दिल्ली में महाराज किशन व माता रतनप्रभा के घर हुआ | इनके पिता पेशे से वकील थे | इनकी स्कूली शिक्षा दिल्ली के सेंट ज़ेवियर्स स्कूल से की जो उस समय की सबसे प्रसिद्ध स्कूलों में से एक थी | यह बचपन से ही एक होनहार विद्यार्थी के रूप अपनी पहचान बना चुके थे | पढ़ाई के साथ -साथ  खेल में भी इनकी रूचि थी |


 स्कूली शिक्षा पूर्ण करने बाद 1973 इन्होने दिल्ली के श्री राम कॉलेज से कॉमर्स की डीग्री प्राप…

रामकृष्ण मिशन/रामकृष्ण मठ (Ramkrishna Mission in Hindi)

रामकृष्ण मिशन ( रामकृष्ण मठ ) की स्थापना विश्वविख्यात स्वामी विवेकानद द्वारा मई 1897 में की गई थी | इन्होने अपने गुरुदेव रामकृष्ण परमहंस जी की शिक्षा का प्रसार-प्रचार करने हेतु इस मिशन की स्थापना की थी | इसका स्थापना कोलकाता में बेलूर  मठ में की गयी |

स्वामी रामकृष्ण जी के अनुसार मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है |

इनका मुख्य उद्देश्य मानव सेवा और परोपकार है | रामकृष्ण मठ भारत में अनेक समाज सुधारक कार्य करवाता चला आ रहा है | इसी के उपलक्ष में भारत सरक़ार द्वारा डॉ आंबेडकर राष्ट्रीय पुरस्कार और गाँधी शांति पुरस्कार से समान्नित किया गया |


संस्थाकानाम     -            रामकृष्णमिशन ( रामकृष्णमठ) स्थापनादिवस    -          1 मई1897 संस्थापक          -          स्वामीविवेकानद स्थापनास्थान     -          कलकत्ता (वर्तमानकोलकाता) मुख्यालय          -      कोलकाता केनिकटबेलुड़ वर्तमानअध्यक्ष   -          Swami Smaranananda शाखा            -         305

अवधूत बाबा शिवानंद जीवन परिचय(Biography of avdhoot baba shivanand )

अवधूत बाबा  शिवानंद भारत के धार्मिक और आध्यांत्मिक गुरु है | इनका एक गैर लाभकारी सगठन "शिवयोग " है | जो मानव समाज को ध्यान और अध्यात्म का पाठ पढ़ाता है | भारत की पौराणिक परंपरा को प्रचार  करना है | भारत के मुकाबले बाहरी देशो के लोग इससे ज्यादा जुड़े हुए है |




अवधूत बाबा शिवानंद जीवन परिचय(avdhoot baba shivanand)
अवधूत शिवानंद जी का जन्म 26 मार्च 1956 में हुआ था | यह मूलतः दिल्ली के रहने वाले है लेकिन इनकी शिक्षा-दीक्षा राजस्थान में ही हुई | बचपन से ही इनका मन अध्यात्म और ईश्वर खोज में था | यह अन्य बालको से अलग थे जो अपना पूरा समय खेल-कूद और अध्ययन में लगाते थे |

बाल्यकाल में उनका संपर्क हिमालय के सिद्ध 108 जगन्नाथ जी से हुआ | जगन्नाथ ने इनको अध्यात्म पथ पर अग्रसर होने के लिए प्रेरित किया | इन्होने अवधूत जी को कई ध्यान और योग विधिया सिखाई | इसके बाद इन्होने अपने शिष्य को इस ज्ञान का प्रसार - प्रचार करने का आदेश दिया |


गुरु आदेश मानकर इन्होने अपना पूरा जीवन ईश्वर को समर्पित कर दिया | इन्होने भारत के धार्मिक स्थलों की यात्रा की और वहा ध्यान-साधना का अभ्यास किया |


शिवयोग की स्थापना …

महारानी लक्ष्मी बाई का जीवन परिचय ( Maharani Laxmi bai in Hindi)

महारानी लक्ष्मी बाई झांसी राज्य की महारानी थी | भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में प्रमुख योगदान दिया था | मात्र 23 वर्ष की अल्प आयु में अंग्रेजो से युद्ध के समय वीरगति को प्राप्त हो गयी थी |





नाम                        - लक्ष्मी बाई 
पिता का नाम         - मोरोपंत 

माता का नाम        - भागीरथी बाई

जन्म                     - 19 नवम्बर 1828 

मृत्यु                     - 18 जून       1858 

पुत्र                      - दामोदर राव , आनंद राव 

पति                      - महाराज गंगाधर राव 🔂

प्रारंभिक जीवन (early life) -  रानी लक्ष्मी बाई का जन्म 19 नवम्बर 1828 में वाराणसी के एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था | इनके पिता का नाम मोरोपंत एवम माता भागीरथी बाई था | इनके पिता मोरोपंत मराठा बाजीराव के सेवा में थे |  इनके बचपन का नाम " मनु " था | 4 वर्ष की आयु में इनकी माता का देहांत हो गया था | माता के देहांत के बाद इनके पिता मोरोपंत ने इनको अपने पास बुला लिया | मनु बाई अपने पिता के साथ दरबार जाती थी | वहा पर उन्होंने शास्त्र और शस्त्र दोनों की शिक्षा प्राप्त  की | पेशवा इनको प्यार से " छबीली…

जब महाराणा प्रताप ने अकबर को संधि पत्र भेजा (When Maharana Pratap sent the treaty letter to Akbar)

हल्दीघाटी के युद्ध के बाद महाराणा प्रताप अपने परिवार सहित जंगलो में चले गए | उस समय परिस्थितियाँ इतनी खराब हो गयी की महाराणा और उनका परिवार घास की रोटी खाने लगे |


एक दिन महाराणा प्रताप के पुत्र अमर सिंह रोटी खा रहे थे लेकिन तभी एक जंगली ब्याव (जंगली बिल्ली ) उनकी रोटी छिनकर भाग जाती है | भूख के मारे  बालक अमरसिंह रोने लगे यह देखकर राणा प्रताप का ह्रदय करुणा से भर गया | उन्होंने सोचा मैंने अपने पुरे जीवन को इस मातृभूमि के लिए न्योछावर कर दिया लेकिन बदले में मुझे क्या मिला | ये पुत्र -पुत्रिया  दो वक्त की रोटी के लिए तरसते है |

जब महाराणा प्रताप ने अकबर को संधि पत्र भेजा -

 महाराणा प्रताप अकबर को संधि पत्र भेजते है | वो पत्र जब अकबर ने पढ़ा तो उसे भरोसा ही नहीं हुआ | अकबर बड़ा धूर्त था | उसने एक चाल की इस पत्र को वह महाराणा के सबसे बड़े भक्त  पृथ्वीराज सिंह राठौर को दिल्ली  बुलाया | जो हमेशा महाराणा की वीरता का गुणगान करते थे | पृथ्वीराज राठौर बिकारनेर नरेश के छोटे भाई थे |


जब अकबर ने वो पत्र पृथ्वीराज सिंह को दिखाया को उन्हें भरोसा नहीं हुआ और उन्होंने इस पत्र की सच्चाई जानने के लिए महारा…

कैलाश पर्वत के जुड़े रोचक तथ्य ( Interesting facts related to Mount Kailash)

दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चोटी माउंट एवरेस्ट पर मानव ने सात हज़ार से अधिक बार चढ़ाई कर चुके है | लेकिन तिब्बत में एक ऐसा पर्वत है जिसकी उचाई Mount everest से दो हज़ार मीटर कम उचाई होने के बावजूद आज तक उस पर कोई नहीं चढ़ पाया | 

इस पर्वत का नाम " कैलाश पर्वत " है | यह वर्तमान में तिब्बत में स्थित है | यह हिन्दुओ की आस्था का मुख्य केंद्र है | हिन्दू ग्रंथो के अनुसारकैलाश पर्वत  पर भगवान शिव का निवास स्थान बताया गया है | भगवान् शिव यहाँ अपने परिवार के साथ रहते है | 

कैलाश पर्वत के पास एक झील है जिसे मानसरोवर झील के नाम से जाना जाता है | हिन्दू मान्यताओं के अनुसार इस में नहाने के बाद मनुष्य के सारे पाप धूल जाते है | कहा जाता है की इसी स्थान पर देवी सती का दाया हाथ गिरा था | 




मानसरोवर झील के पास में एक झील है जिसे " राक्षसताल " के नाम से जाना जाता है | यह झील को अशुभ मन जाता है | राक्षसताल का पानी खारा है | कहा जाता है की इसी स्थान पर रावण ने भोलेनाथ की पूजा की थी | 

कैलाश पर्वत हिन्दू  , जैन , सिख और बौद्ध धर्मो के लिए आस्था का केंद्र है | हिन्दुओ के लिए भगवान् शिव का निवास स्था…

मीरा बाई का जीवन परिचय (Meera bai In Hindi)

मीरा बाई कृष्णा-भक्ति शाखा की प्रमुख कवियत्री थी | एक ऐसी राजकुमारी और महारानी जिसने कृष्णा प्रेम भक्ति में अपना सारा सुख वैभव त्याग दिया | मीरा बाई ने अपने पति के देहांत के बाद अपना पूरा जीवन कृष्ण भक्ति में लगा दिया | मीरा बाई की कविताओं में अपने आप को श्री कृष्ण की प्रियतम बताया है |

ऐसा माना जाता है की मीरा बाई द्वापर युग की राधा का अवतार थी | राजस्थान में मीरा बाई के कई मंदिर स्थित है | पुरे भारत में मीरा बाई को एक महान कृष्ण भक्त के रूप में देखा जाता है |

मीरा बाई ने महिलाओ पर हो रहे अत्याचारों का विरोध अपनी कविताओं के माध्यम से किया | मीरा बाई ने समाज मी फैली कुरीतियों का भी विरोध किया |


मीरा बाई का जीवन परिचय (Meera bai In Hindi)
नाम(Name) -                                 मीरा बाई (MEERA BAI )                                              
जन्मदिन (BIRTHDAY)       -             1504 ईसवी      
जन्मस्थान (BIRTH PLACE)     -                मेड़ता (राजस्थान ) मृत्यु (DEATH)                      -               1546 ईसवी 
पिता का नाम (FATHER'S NAME)           -         राव रतन…

शेषनाग झील की कथा (Legend of Sheshnag Lake)

मित्रो आज हम बात करेंगे शेषनाग झील के बारे में  | यह झील बहुत ही पवित्र झील है हिन्दू धर्म के धार्मिक ग्रंथो में इस झील का वर्णन मिलता है | इस झील में आये दिन अकल्पनीय घटनाये होती रहती है | यहाँ के स्थानीय निवासी बताते है की इस झील में भागवान शेषनाग दिखाई देते है | देखा जाये तो इस झील की आकृति नाग के समान ही है | 
जो भी श्रद्वालु बाबा अमरनाथ के दर्शन जाता है वह आते समय इस शेषनाग झील के दर्शन भी करता है | कहा जाता है की जो व्यक्ति सच्चे मन से आता है उसे इस झील में भगवान शेषनाग दिखाई देते है | ऐसा माना जाता है की 24 घंटो के अंदर एक बार शेषनाग जल से बाहर निकलते है | वो नसीब वाला ही होता है जो उनके दर्शन करता है |  
शेषनाग झील जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के समीप स्थित है | यह झील ३५६० मीटर की उच्चाई पर है | 




शेषनाग झील की पौराणिक कथा -एक बार माँ पार्वती ने शिवजी से सृष्टि के सिध्दांत और अमर होने की कथा सुनाने का आग्रह किया तब शिवजी माता पार्वती को कथा सुनाने ले जा रहे थे | शिवजी ने अतिगोपनीय विषय जान कर साँपो को अनंतनाग में त्यागा , नंदी को पहलगाम में , चन्द्रमा को चंदनवाड़ी में , और अंतिम में …

जीवन बदल देने वाले प्रेरणादायक विचार ( Thought On Success In Hindi )

जिंदगी को बदलने के लिए अपने आप को बदलना अत्यावश्यक है | आज में आपको 10 ऐसे प्रेरणादायक अनमोल विचार बताने जा रहा हूँ | भारत के महापुरुषों द्वारा दिए गए ऐसे अनमोल वचन जिससे आपकी जिंदगी बदल जाएगी | 
व्यक्तित्व निर्माण में अच्छे विचार , अच्छी सोच ,और अच्छे मार्गदर्शक का होना अतिआवश्यक है |





जीवन बदल देने वाले 10 महान प्रेरणादायक विचार - 
1.   ज्ञानी और विवेकवान व्यक्ति वर्तमान में जीते है , भूतकाल और भविष्यकाल के बारे में सोचकर अपना वर्तमान दुखदायी नहीं करते  | 

2.  आपका खुश रहना आपके दुश्मनो के लिए बहुत बड़ी सजा है  | 


3.  जो व्यक्ति खुद पर विश्वास रखता है वह दुसरो के विश्वास को भी जीत लेता है | 
4. भूतकाल से सीखो , वर्तमान में जिओ और भविस्य की आशा रखो | 
5.  अगर आपसे पहले कोई और सफल जो जाता है तो गबराना  मत क्योकि घर बनाने से ज्यादा समय महल बनाने में लगता है | 
6.  मन अशांत है लेकिन अभ्यास से इसे नियंत्रित किया जा सकता है | 
7. ख़ुशी के लिए काम करोगे तो ख़ुशी नहीं मिलेगी लेकिन ख़ुशी से काम करोगे तो ही खुशी मिलेगी | 
8. सुख और दुःख इस जीवन के दो पहलु है इसलिए मनुष्य हमेशा दोनों परिस्तिथियों में समान…

नाथ संप्रदाय और सिद्ध योगी गुरु गोरखनाथ (Guru Gorkhnath And Nath Sampraday)

गुरु गोरखनाथ भारत के सिद्ध महात्माओ में से एक है | भारत में नाथ संप्रदाय अपनी एक अलग पहचान रखता है | इस संप्रदाय में बड़े बड़े सिद्ध महात्मा हुए जैसे -गोरखनाथ , मत्स्येन्द्र नाथ   गोगाजी , रामदेवजी , राजा भर्तहरि , राजा गोपीचंद,कनीफनाथ,जालंधर , रेवणनाथ , जैसे अनेको सिद्ध हुए | नाथ संप्रदाय में कुल 12 पंथ होते है | इस पंथ में दीक्षा लेने वाले साधक को कठिन तपस्या व गुरु सेवा के बाद गुरु अपनी स्वैच्छा से साधक को दीक्षा देता है | गुरु गोरख नाथ के गुरु मत्स्येन्द्र नाथ को मन जाता है |

नाथ संप्रदाय भेदभाव का विरोधी है | नाथ संप्रदाय में कोई भी साधक सन्यास ले सकता है चाहे वो किसी भी वर्ण का हो | नाथ संप्रदाय में कुल १२ पंथ है | इन पंथो की जानकारी में नीचे दे रहा हूँ |


सत्यनाथ पंथ  धर्मनाथ पंथ रामनाथ पंथलक्ष्मणनाथ पंथ कंथड़ पंथ कपिलानी पंथ वैराग्य पंथ मन्नाथ पंथ आई पंथ पागल पंथ ध्वजनाथ पंथ गंगा नाथ 


 ऐसा माना जाता है की नाथ संप्रदाय के प्रथम प्रवर्तक स्वयं आदिनाथ ( शिव ) थे | गुरु गोरखनाथ हठयोगी थे , हठयोग से उन्होंने मृत्यु को जीत लिया था | ऐसा माना जाता है की भी गुरुगोरखनाथ जीवित है | बाबा गोर…