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Riyan Parag Biography In Hindi - रियान पराग का जीवन परिचय

Riyan Parag Biography In Hindi - रियान पराग का जीवन परिचय
रियान पराग युवा प्रतिभाशाली क्रिकेटर है ।सबसे युवा खिलाड़ी जिन्होंने मात्र 17 वर्ष की आयु मे IPL में अर्धशतक लगाया । रियान राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलतें है । 

Riyan Parag Biography In Hindi - रियान पराग का जीवन परिचय
नाम             -        रियान पराग दास जन्मदिन      -        10 नवम्बर 2001 जन्मस्थान    -        गुवाहाटी पिता            -         पराग दास पेशा             -        क्रिकेटर  कोच            -        पराग दास ( पिता )

रियान पराग का निजी जीवन -
रियान पराग का जन्म 10 नवम्बर 2001 को असम के गुवाहाटी मे हुआ था । इनके पिता का नाम पराग दास और माता का नाम मिट्ठु बारोह है । रियान के पिता पराग दास असम के लिए रणजी खेल चुके है और इनकी माता नेशनल Swimmer रह चुकी है । 
रियान पराग का करियर -
रियान ने अपने क्रिकेट की शुरूआत बेहद कम आयु मे कर दी थी । रियान पराग ने मात्र 12 वर्ष की आयु मे Assam Under-16 की तरफ से खेले थे । 
29 जनवरी 2017 को 2016-17 Inter State T-20 में असम की तरफ से टी-20 डेब्यु किया । 
अक्टुबर 2017 को Under-19 A…
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अस्थियों को गंगा मे क्यों प्रवाहित करते है ?

अस्थियों को गंगा मे क्यों प्रवाहित करते है ?
हिंदु मान्यताओं के अनुसार  मृत्यु के उपरान्त जीवात्मा का अपने शरीर की भस्म मे मोह रह जाता है । जब तक मृतात्मा की भस्म को पवित्र गंगा मैया मे प्रवाहित नही कर दिया जाता तब तक मृतात्मा को शांति नही मिलती । इसलिए शव को तत्काल दाह कर दिया जाता है और जैसे ही चौथे दिन भस्म हाथ छुने योग्य हो जाती तब उसे पवित्र गंगा मैया मे प्रवाहित कर दिया जाता है । 

इस प्रकार मृतात्मा को विलक्षण आंनद की अनुभव होता है और आत्मा परलोक की और प्रस्थान करती है । पंचाग अस्थियों को धार्मिक भाषा मे " फुल " कहा जाता है 
यावदस्थिनी गंगायां तिष्ठन्ति पुरूषस्य च । तावद्वष्रसहस्त्राणि ब्रह्मलोके महीयते ।।
अर्थात् - मृतक की अस्थियां  जब तक गंगा मे रहती है तब तक मृतात्मा ब्रह्मलोक मे निवास करता हुआ आनन्दोपभोग करता है । 
विज्ञान का मत -
विज्ञान के अनुसार नदियों मे अस्थियां प्रवाहित करने से एक अन्य लाभ भी है । गंगा नदी कैलाश पर्वत से लेकर बंगाल की खाड़ी तक लंबा सफर तय करती है । जो सहस्त्रो वर्गमील भुमी को सींच कर उपजाऊ बनाता है । वह अपनी फॉस्फोरस की क्षमता खो देता है ।
इसमे …

भानगढ़ का किला - Bhangarh Fort Story in hindi

Bhangarh Fort-भानगढ़ का किला -  Bhangarh Fort Story in hindi 
भारत का सबसे भयावह और भुतिय़ा किला भानगढ़ का इतिहास सैकडो़ वर्ष पुराना है , ऐसा कहा जाता है की किले मे नकारात्मक शक्तियों व आत्माओ का वास है। इस किले मे सुर्यास्त के उपरान्त और सुर्योदय से पुर्व प्रवेश वर्जित है ।

यह किला अपनी भुतिया गतिविधियों की वजह से सम्पुर्ण विश्व मे प्रसिध्द है । स्थानीय निवासियों की माने तो जो भी रात्रि के समय मे इस किले मे जाता है , वह वापस जीवित नही लौटता । अगर Google पर सर्च करते है " Asia's Most Haunted Fort " तो भानगढ किले का नाम सर्वोच्च पंक्ति पर मिलेगा ।
भानगढ़ का किला राजस्थान के अलवर जिले मे स्थित है , राजस्थान के मुख्य पर्यटन स्थलों में से एक है । ये किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग द्वारा संरक्षित है ।
भानगढ़ फोर्ट स्टोरी इन हिन्दी - Bhangarh Fort Story In Hindi
भानगढ़ का निर्माण सन् 1573 में आमेर के राजा भगवानदास ने करवाया था । इस किले के भुतिया व तबाह होने पीछे बहुत सी कहानिया प्रचलित है , जिनमे से 2 महत्वपुर्ण कहानिया आप इस पोस्ट मे जानेगे ।
बाबा बालुनाथ का श्राप 
इस कहा…

गौतम गंभीर के सुविचार - Gautam Gambhir Quotes In Hindi

गौतम गंभीर के सुविचार - Gautam Gambhir Quotes In Hindi 

नाम                   -             गौतम गंभीर

जन्मदिन            -             14 Oct. 1981

पिता का नाम      -              दीपक गंभीर

व्यवसाय/पेशा    -    राजनीतीज्ञ , क्रिकेटर

पुरस्कार             -    अर्जुन पुरस्कार , पद्मश्री


गौतम गंभीर के सुविचार - Gautam Gambhir Quotes In Hindi 

Quotes 1. "हमारा तिरंगा हमारी पहचान है, और हम अपनी पहचान का अनादर या कोई हमारी पहचान का अनादर नही कर सकते ।"

                                                     ~ गौतम गंभीर


Quotes 2. "क्रिकेट एक टीम गेम है। यदि आप अपने लिए प्रसिद्धि चाहते हैं, तो एक व्यक्तिगत गेम खेलें।"

                                                    ~ गौतम गंभीर


Quotes 3. "मुझे एक बात का एहसास था कि हर कोई अलग है, आप दो मनुष्यों की तुलना नहीं कर सकते ।"

                                                     ~ गौतम गंभीर


Quotes 4. "कोई बच्चन साहब की तरह अभिनय नहीं कर सकता या वीरेंद्र सहवाग की तरह बल्लेबाजी नहीं कर सकता।"


                   …

गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शुध्द विचार - Quotes Of Rabindranath Tagore in Hindi

गुरूदेव रवींद्रनाथ टैगोर के शुध्द विचार - Quotes Of  Rabindranath Tagore in Hindi 


Quotes 1. खुश रहना बहुत सरल है, लेकिन सरल होना बहुत मुश्किल है।"

  ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 2. "आप सब कुछ प्राप्त कर सकते हो अगर आपके पास क्षमता है "

  ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 3. "उच्च शिक्षा वह है जो हमें केवल ज्ञान नहीं देती है बल्कि हमारे जीवन को सभी अस्तित्व के साथ सामंजस्य बिठाती है।"

  ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 4. "एक दीपक केवल दूसरे दीपक को तब जला सकता है जब वह अपनी लौ में जलता रहे।"

          ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 5. "जब तक आपने अपनी आत्मा में ईश्वर को नहीं पाया है, तब तक पूरी दुनिया आपके लिए निरर्थक प्रतीत होगी।"

    ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 6. "शिक्षण का मुख्य उद्देश्य स्पष्टीकरण देना नहीं है, बल्कि मन के द्वार पर दस्तक देना है।"      

      ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 7. "आप केवल खड़े होकर पानी को घूर कर समुद्र पार नहीं कर सकते।"

      ~ रवींद्रनाथ टैगोर

Quotes 8. "आइए हम खतरों से बचने की प्रार्थना करें लेकिन उनका सामना करते सम…

क्रांतिकारी वीर भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार -Veer Bhagat Singh Quotes in Hindi

Veer Bhagat Singh Quotes in Hindi भगत सिंह माँ भारती के सच्चे वीर सपुत थे , भारत के स्वत्रंता अभियान के मुख्य क्रांतिकारी थे । माँ भारती के रक्षार्थ मात्र 23 वर्ष की आयु मे फाँसी के तख्ते पर चढने वाले भगत सिह हमेशा के लिए अमर हो गये ।

क्रांतिकारी वीर भगत सिंह के प्रेरणादायक विचार -Veer Bhagat Singh Quotes in Hindi 
Quotes 1."व्यक्तियों को मारना आसान है लेकिन आप विचारों को नही मार सकते। ”
                                             - Bhagat singh


Quotes 2. "बहरों को सुनाने के लिए धमाकों की आवश्यकता होती है ".               - Bhagat singh


Quotes 3. "वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन वे मेरे विचारों को नहीं मार सकते। वे मेरे शरीर को नष्ट सकते हैं, लेकिन वे मेरी आत्मा को नष्ट नहीं पाएंगे। ”
                                                - Bhagat singh


Quotes 4. "इस कदर वाकिफ है मेरी कलम मेरे जज़्बातों से,
अगर मैं इश्क़ लिखना भी चाहूँ तो इंक़लाब लिखा जाता है। "                                                 - Bhagat singh


Quotes 5. "निर्दयी आलोचना और स्वतंत्र सोच …

History of Bicycle in Hindi-साईकल का इतिहास

19 अप्रैल को World bicycle day  मनाया जाता है । क्या आप जानते है , bicycle का अविष्कार किसने किया और क्यों किया ?

bicycle का इतिहास बहुत पुराना है । वर्तमान समय मे देश को pollution मुक्त करने के लिए bicycle को बढावा देना चाहिए ।


  साईकल का इतिहास -  History of Bicycle in Hindi
साईकल इतिहास बहुत पुराना है , इतिहासकारो के अनुसार साईकल का अविष्कार 1418 मे इटली के Giovanni fontana द्वारा किया गया । यह साईकल 4 पहिये की हुआ करती थी । लेकीन समय के साथ - साथ इसमे परिवर्तन होते गये ।

400 साल बाद जर्मनी के karl freiherr von drais ने cycle को एक नया आकार दिया , 1817 में उन्होंने cycle को 4 पहिये़ से 2 पहिये़ मे बदला । अब लोगों को cycle चलाने मे आसानी होने लगी थी ,इस कारण ये अाविष्कार युरोप मे बहुत प्रसिध्द हुआ । युरोप मे इस cycle को hobby horse के नाम से विख्यात हुई ।

लेकीन इस cycle मे अभी भी बहुत सी कमियां थी , अभी भी बहुत से बदलावों की आवश्यकता थी । इस साईकल को चलाने के लिए पैरों को पीछे धकेलना पड़ता था , यह कार्य बहुत ही थका देने वाला था ।

साईकल हेतु पैंडल बनाने का श्रेय स्कॉटलैंड के एक लौह…